what-is-a-group-of-cows-called_d87d5c1c-8102-4634-baea-c03e5bd8784f
जानी के रिसर्च पेपर पंचगव्य चिकित्सा: सदी की दवा में लिखा है, ‘भारत में हम देसी गायों पर ज्यादा ध्यान नहीं देते वहीं मोटी जर्सी गाय दिनभर खाती या पीती रहती हैं। वह ज्यादा बीमार होती हैं और उन्हें ऐंटीबायोटिक भी बहुत दी जाती हैं। इन गायों के पाद में मीथेन गैस निकलती है जिससे ओजोन लेयर में छेद हो रहा है।’ इस पेपर में भारतीय मूल की गायों की पश्चिमी गायों के मुकाबले तारीफ की गई है।

रिसर्च पेपर में लिखा है कि पश्चिमी गायों का ए-1 दूध गई बीमारियों का कारण बनता है वहीं ए-2 देसी गायों का दूध कई बीमारियों के लिए दवाई जैसा काम करता है। ए-1 मिल्क में 7 ऐमिनो ऐसिड होते हैं जो मनुष्य के अंदरूनी अंगों के साथ रिऐक्ट करते हैं। न्यू जीलैंड के एक वेटनरी वैज्ञानिक और प्रफेसर के मुताबिक यह दूध मधुमेह, दिल से जुड़े रोग, ऑटिस्म जैसी बीमारियों का कारण बनता है।

1 2 3
No more articles