दो सालों से पागल खाने में है उज्बेकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति की बेटी

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साल 1991 में सोवियत यूनियन के विघटन के बाद उज्बेकिस्तान स्वतंत्र देश बना और इस तरह करीमोव देश के पहले राष्ट्रपति चुने गए। तानाशाही के दम पर करीमोव अपनी मौत तक देश के राष्ट्रपति बने रहे। विरोधी अगर उनकी बात नहीं मानते थे तो उनकी मौत तय थी।

करीमोव के बारे में यह भी कहा गया कि उन्होंने अपने कई दुश्मनों को क्रूर सजाएं दीं। कइयों को तो उबलते पानी में डुबोकर मरवाया। इसी तरह साल 2005 में विरोध प्रदर्शन दबाने के लिए सेना को आदेश देकर 400-500 लोगों की हत्याएं करा दी थीं। इसके बाद करीमोव के खिलाफ किसी ने आवाज नहीं उठाई।

आपको जानकार आश्चर्य होगा कि आज इतने बुरे हालात में जी रही गुलनारा एक समय सोवियत यूनियन की सबसे अमीर महिलाओं की टॉप टेन की लिस्ट में शामिल थीं। वर्ष 2000 में हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से पढ़ाई पूरी करने के बाद गुलनारा को विदेशी मामलों का सलाहकार बनाया गया था। वे उज्बेकिस्तान की डिप्टी फॉरेन मिनिस्टर भी रहीं। इसके बाद पॉप सिंगर बनकर पूरे देश में छा गईं। गुलनारा इतनी खूबसूरत हैं कि उज्बेकी लोग उन्हें ‘प्रिंसेस गुलनारा’ कहते हैं।

पेशे से मॉडल, पॉप सिंगर, राइटर और डिजाइनर गुलनारा पर साल 2013 में 1 बिलियन डॉलर (करीब 6707 करोड़ रुपए) के करप्शन के आरोप लगे थे। इसके साथ ही उन पर स्कैंडिनेवियाई और रशियन टेलिकॉम कंपनियों से बड़ी रकम और शेयर लेने के भी आरोप लगे। पनामा पेपर लीक्स में भी उनका नाम सामने आया था।

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