दूल्हन ने दूल्हे से वो काम करने को कहा, जिसे करने में पसीने छूट गए , लड़की-लड़का मंदिर में विवाह बंधन में बंधने जा रहे थे। बड़े-बुजुर्ग आशीर्वाद देने को जुटे थे। एक-एक रस्म पूरी होने के बाद बारी आई सिंदूर दान की। पंडित ने लड़के से लड़की की मांग में सिंदूर भरने को कहा। लड़का शांत बैठा रहा।

थोड़ी देर में खुलासा हुआ कि वह तो दिव्यांग है। बस, लड़की मंडप से उठ खड़ी हुई और मंगल गीत खामोशी में बदल गए। लड़की पक्ष के लोग लड़के पिता को बंधक बनाकर अपने घर महुआ ले आए। जब लड़के के पिता घर नहीं पहुंचे तो परिजनों ने थाने से संपर्क किया। पुलिस दोनों पक्षों को बुलाकर मामले की पड़ताल कर रही है।

महुआ नगर पंचायत के जवाहर चौक निवासी अशोक साह ने अपनी पुत्री की शादी मुजफ्फरपुर जिले के मोतीपुर के रहने वाले अरुण कुमार साह के पुत्र सुंदर साह से तय की थी। लड़के वालों के कहने पर अशोक शादी के लिए अपनी पुत्री को लेकर मुजफ्फरपुर के मंदिर में पहुंचे।

शादी की रस्म के दौरान सिंदूरदान के समय खुलासा हुआ कि लड़का दिव्यांग है। लड़की के कहने पर लड़के के कपड़े उतारकर देखे गए। पता चलने पर लड़की ने शादी से इन्कार कर दिया। इसके बाद लड़की पक्ष वालों ने दान-दहेज में दिए सामान को वापस करने की बात कही तो लड़के वालों ने मना किया। इस पर लड़की वाले लड़के के पिता को बंधक बनाकर महुआ ले गए।

 

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