हमने जुलाई में ही इस बात के बारे में बताया था कि कांग्रेस पार्टी के पास फिलहाल फंड्स की कमी है और यही वजह है कि पार्टी अगले साल होने वाले बीएमसी चुनाव के लिए कम बजट का कैंपेन चला रही है। एक तरफ जहां बीजेपी और शिवसेना ने अपने प्रमोशन बजट को हर उम्मीदवार के लिए 1 करोड़ रुपये रखा है। तो वहीं कांग्रेस बड़ी मुश्किल से 50 लाख रुपये का इंतजाम कर पा रही है।

लिहाजा न्यूजपेपर में विज्ञापन देने, सड़क किनारे बैनर पोस्टर लगाने और प्राइवेट एजेंसी को ऐड कैंपेन के लिए हायर करने की बजाए कांग्रेस पार्टी पुराने तरीकों का इस्तेमाल कर रही है। पार्टी ने चुनाव प्रचार के लिए मोहल्ला सभा, पदयात्रा और पैम्फ्लट बांटना शुरू कर दिया है।

 

 

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