पाकिस्तानी सेना ने तब 30 लाख लोगों का कत्ल किया था लेकिन पाकिस्तान सरकार ने इस तरह से मारे जाने वाले लोगों की संख्या 26 हजार बताई थी। बड़ी संख्या में महिलाओं को यातना दी गई थी, उनके साथ बलात्कार किया गया और उनकी हत्या कर दी गई। ऐसी महिलाओं की संख्या दो लाख से अधिक बताई जाती है। युद्ध के बाद हजारों की संख्या में बलात्कार की शिकार महिलाओं ने बच्चों को जन्म दिया।
पाकिस्तान में मुस्लिम महिलाओं के साथ ऐसा होना आम है तो धार्मिक रूप से अल्पसंख्यकों की महिलाओं का क्या हाल होता है ? यह भी जान लीजिए। हिंदू और ईसाई समुदायों की शहरों में रहने वाली महिलाओं को सफाई कर्मियों या मैला ढोने का काम मिलता है। वे प्रति माह 12 अमेरिकी डॉलर से भी कम कमाती हैं। उनके न कोई बुनियादी मानव अधिकार होते हैं और न ही कोई श्रम कानून।