तो हमारी समझदार पुलिस ने इस परेशानी का हल कुछ इस तरह निकाला है कि अगर कोई शख्स पुल पर पैदल चलता है तो वो उसे जाने ही नहीं देती है। पकड़ लेती है कि रूक भाई कहां जा रहा है। अगर कोई ज़रूरतमंद जाता भी है तो पुलिस उसे दूसरे वाहनों में बैठाकर पुल पार कराती है। मने कि अब पुलिस का यही काम रह गया है, लोगों को पुल पार करवाना। ख़ैर खाली बैठे ये काम भी अच्छा ही है।
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